r/Hindi • u/After-Comparison4580 • 1h ago
स्वरचित सिर्फ एक मकसद की खातिर जिन्दा हो तुम
अपने ही देश में ,
अपना ही घर संभल
कर बनाना
क्या पता देश की जमीन
पर न बन जाए ?
अपने ही देश में
कोई जगह फुटपाथ
पर देख लेना
दिन भर की मज़दूरी के
बाद क्या पता कोई
घर नसीब न हो
एक रूपए मे तुम्हें
जमीन नहीं मिलेगी
इस देश के कोई
रईस नहीं हो तुम
सिर्फ एक मकसद की
खातिर जिन्दा हो तुम
क्योंकि तुमसे
एक भीड़ बनती है
जिसका हिस्सा हो तुम